आज से ट्रैफ़िक उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना, जाने 10 महत्वपूर्ण बातें

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मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 के तहत आज से पूरे देश में उच्च यातायात दंड लागू होगा, जिसे पिछले महीने संसद ने मंजूरी दे दी थी। केंद्रीय कानून मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नए कानून का उद्देश्य लोगों में भय पैदा करना है जो यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, क्योंकि “बुद्धिमान यातायात प्रणाली” अपराधों की निगरानी करेगी। मोबाइल फोन के इस्तेमाल, ट्रैफिक लाइट जंप करने और गलत लेन पर गाड़ी चलाने जैसे आम अपराधों को “खतरनाक ड्राइविंग” के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीट बेल्ट न पहनने, लाल बत्ती कूदने और नशे में गाड़ी चलाने जैसे सामान्य ट्रैफ़िक उल्लंघनों के लिए दंडात्मक प्रावधानों को अधिक कठोर बनाया गया है।

हमारी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है और हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग सुरक्षित रूप से ड्राइव करें। हम अपनी सड़कों को नागरिकों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक कर्मचारियों से जमीनी स्तर पर बदलाव किए गए हैं।

नए कानून के तहत, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर जुर्माने को 500 रूपये से 5,000 रुपये बढ़ा दिया गया है। अयोग्यता के बावजूद ड्राइविंग के लिए 500 से 10,000 रूपये जुर्माना कर दिया गया है।

आपातकाल के लिए रास्ता नहीं देने पर चालकों से 10,000 रूपये जुर्माना वसूला जाएगा।

ओवरस्पीडिंग के लिए अब 1,000 रूपये से 2,000 रुपये के बीच जुर्माना लगाया जायेगा। ये जुर्माना हल्के मोटर वाहनों के लिए 400 रूपये से बढाकर 1,000 रूपये और मध्यम यात्री वाहनों के लिए 2,000 रुपया होगा।

बिना सीट-बेल्ट के ड्राइविंग करने पर अब 100 रूपये की जगह 1,000 रूपये जुर्माना लगाया जा सकता है।

बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर 2,000 रूपये, बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों को 1,000 रूपये और उनके लाइसेंस के तीन महीने के निलंबन का सामना करना पद सकता हैं।

कम उम्र के ड्राइवरों द्वारा किसी भी सड़क अपराध के मामले में, वाहन के संरक्षक या मालिक को दोषी ठहराया जाएगा। जुर्माना के रूप में 25,000 रूपये के साथ तीन साल की जेल और रजिस्ट्रेशन रद्द करना शामिल किया गया है।

वाहनों की ओवरलोडिंग पर 20,000 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा।

पिछले महीने, नितिन गडकरी ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को कम्प्यूटरीकृत किया जाएगा और कोई भी चाहे वह मंत्री हो या सांसद, ऑनलाइन टेस्ट पास करने के बाद ही उन्हें अपना लाइसेंस मिलेगा।